भोपाल: WhatsApp group से चल रहा था 500 कॉलगर्ल्स का नेटवर्क

भोपाल के शाहपुरा इलाके में एक ऐसे  सेक्स रैकेट का पता चला है जिसे वॉट्सऐप ग्रुप ( WhatsApp group) के सहारे चलाया जा रहा था. इस ग्रुप में  500 से अधिक कॉलगल्र्स हैं.

 

भोपाल 

शाहपुरा क्षेत्र में खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताकर सेक्स रैकेट चलाने वाले रामेंद्र सिंह से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। रामेंद्र ने बताया कि वह ई-5 अरेरा कॉलोनी स्थित बंगले से हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट चलाता था। इसका सरगना आशुतोष वाजपेयी था।

मई में सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में आशुतोष को जेल भेजा गया तो रामेंद्र ने इस गंदे धंधे की कमान संभाल ली। ग्राहकों से संपर्क के लिए उसने स्कॉट सर्विस से जुड़ी वेबसाइट में कॉन्टेक्ट नंबर अपलोड कर रखा है। इसके अलावा वॉट्सऐप पर अलग-अलग ग्रुप बनाकर ग्राहकों को जोड़ा है। बताया जा रहा है कि उसके संपर्क में 500 से अधिक कॉलगल्र्स हैं।

सौदा होने पर उसे 50 फीसदी कमीशन मिलता था। मालूम हो कि शुक्रवार तडक़े शाहपुरा थाने पहुंचे लाल घाटी निवासी 32 वर्षीय रामेंद्र सिंह ने बताया था कि गुरुवार रात करीब 10.30 बजे तीन युवकों ने कट्टा अड़ाकर कार में उसका और महिला दोस्त का अपहरण कर लिया था।

उसने ये भी बताया कि बदमाशों ने जेवर, नकदी और मोबाइल लूटा है। पुलिस ने अपहरण, लूट की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की तो रामेंद्र की बताई कहानी झूठी निकली। इसके बाद पुलिस ने उसे शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।

मूलत: सिवनी निवासी कॉलगर्ल रीवा निवासी रोहित शुक्ला के साथ शाहपुरा इलाके में लिव-इन में रहती है। कॉलगर्ल ने पुलिस से कहा कि रोहित उसका पति है। पुलिस ने जब इसकी तस्दीक रोहित से की तो उसने बताया कि वह लिव-इन पार्टनर हैं। वर्तमान में उसके पास कोई रोजगार और रहने की जगह नहीं थी। ऐसे में वह युवती के कहने पर उसके साथ रहने लगा। रोहित ने बताया कि छह महीने से वही उसका पूरा खर्च उठा रही है।

डीआईजी इरशाद वली ने बताया कि रामेन्द्र सेक्स रैकेट का दलाल है। वह धोखाधड़ी के आरोप में जेल जा चुका है। गुरुवार रात मनीष जेवनानी उर्फ मेडी ने वेबसाइट में अपलोड रामेन्द्र के मोबाइल नंबर से कॉलगर्ल उपलब्ध कराने के लिए संपर्क किया। रामेंद्र ने प्रति व्यक्ति आठ हजार की बात कही। गुरुवार रात ऑरा मॉल के पास साढ़े दस बजे कार में रामेंद्र व कालगर्ल ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान मनीष, समीर व विनयकांत पहुंचे।

मनीष ने दो लोगों के 16 हजार रुपए रामेंद्र को दिए और कहा कि वे तीन लोग हैं। इस पर बात बिगड़ गई। रामेंद्र 16000 रुपए लेकर कार से भागने लगा तो तीनों ने पीछा कर उसे हबीबगंज अंडरब्रिज के पास पकडकऱ पीट दिया। मनीष ने 16 हजार रु. वापस ले लिए। डीआईजी का कहना कि कॉल गर्ल बुलाने वाले तीनों लोगों की जांच की जा रही है। जांच के बाद इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

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