रॉयल बंगाल टाइगर के देहांश के साथ पांच तस्कर गिरफ्तार

इन तस्करों पर रॉयल बंगाल टाइगर का खाल, खोपड़ी, हड्डी व दांत रखे जाने का आरोप है. इन तस्करों में असम सरकार का एक एम्बुलेंस चालक सहित पांच लोग शामिल है.

 

जलपाईगुड़ी/ गुवाहाटी 

पश्चिम बंगाल एवं असम विन विभाग की स्पेशल टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर रॉयल बंगाल टाइगर के देहांश तस्करी के आरोप में पांच अंतरराष्ट्रीय तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता पायी है. इन तस्करों पर रॉयल बंगाल टाइगर का खाल, खोपड़ी, हड्डी व दांत रखे जाने का आरोप है. आरोपियों में असम सरकार का एक एम्बुलेंस चालक सहित पांच लोग शामिल हैं.

इन तस्करों के पास खरीददार बनकर पहुंचे संयुक्त पुलिस टीम के सदस्यों ने 15 लाख रुपये में रॉयल बंगाल टाइगर के देहांश को बेचने का चारा फेंका. तस्कर पुलिस के इस जाल में फंसकर नेपाल निकलने से पहले ही पकड़ लिये गये. असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान एवं पोबीटोरा अभयारण्य के उच्चाधिकारियों को साथ लेकर जलपाईगुड़ी के बेलाकोबा रेंज के रेंजर एवं नॉर्थ बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स अधिकारी संजय दत्त ने इस अभियान की अगुवायी की.

असम के चिरांग जिले के शांतिपुर रुनिखाता इलाके में गुप्त ठिकाने में बाघ को मारकर बेचने के लिए उसकी हड्डियां, खोपड़ी, खाल, दांत अलग-अलग किये गये थे. इसे सिलीगुड़ी के रास्ते नेपाल में तस्करी किये जाने की योजना थी. आरोपियों से पूछताछ में पहले गैंडे, गेको सरीसृप प्रजाति के वन्य प्राणी का शिकार कर व तस्करी की सूचना मिली है. शनिवार देर रात अलीपुरद्वार एवं असम के श्रीरामपुर सीमांत से एक एम्बुलेंस से इनको पकड़ा गया.

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी बाघ का देहांश जब्त नहीं हुआ है, लेकिन आरोपियों के मोबाइल से देहांश के वीडियो, स्टील फोटो में रॉयल बंगाल टाइगर का खाल, खोपड़ी, हड्डी व दांत की तस्वीरें देखी गयी है.

 बेलाकोबा रेंज के रेजर संजय दत्त ने कहा कि रविवार को असम वन विभाग के हाथों आरोपियों को सौंप दिया गया है. आरोपियों में एंम्बुलेंस चालक प्रभात नार्जिनारी (57), ईशाक नार्जिनारी (43), डिंबेश्वर राय (43), बीनाद्वीप राय (36) एवं बबलन नार्जिनारी (34) है. असम वन विभाग अभियान चलाकर बाघ का देहांश बरामद किया जायेगा. हालांकि तस्करों को पकड़ने के लिए मुख्य सोर्स लगाकर असम वन विभाग के सहयोग से सजंय दत्त ने यह अभियान चलाया.

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