सोनभद्र नरसंहार: ज़मीन पर कब्ज़ा को ले कर ग्राम प्रधान ने बिछा दी 9 लाशें

90 बीघा विवादित जमीन पर अपना कब्ज़ा करने के लिए ग्राम प्रधान ग्राम प्रधान ने सोनभद्र में 9 लाशें बिछा दी जब की इस नरसंहार में 20 लोग घायाल हैं. 

 

वाराणसी ( UP )

सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के मूर्तिया(उभ्भा) गांव में बुधवार को 90 बीघा विवादित जमीन के रंजिश में हुए नरसंहार से लोग स्तब्ध हैं। विवाद में दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में जिस तरह फायरिंग और गड़ासा चला सोनभद्र ही नहीं पूरे पूर्वांचल में चर्चा का विषय बना हुआ हैं। लोगों का कहना था कि हाल के दिनों में नक्सली घटनाओं को छोड़ दें तो विवाद में इतने लोग नहीं मारे गये। जघन्य सनसनी खेज वारदात से गांव में मूर्तिया में मातम पसरा है, जिन घरों के लोग मारे गये हैं। उन परिवारों में महिलाओं के आर्तनाद से माहौल भी बोझिल है।

दरअसल मूर्तिया गांव के प्रधान यज्ञवत भूर्तिया ने बिहार के एक आईएएस अफसर प्रभात मिश्र से 90 बीघा जमीन गांव में खरीदी थी। उस पर कब्जा को लेकर उसका ग्रामीणों से विवाद चल रहा था। आज ग्राम प्रधान यज्ञवत जमीन पर कब्जा करने के लिए 30 ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सैकड़ों हथियार बंद लोगो को लेकर पहुंचा। और खड़ा होकर खेत जोतवाने लगा।

यह देख दूसरे पक्ष के लोगों ने जिसका खेत पर कब्जा हैं इसका पुरजोर विरोध किया तो दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। इसी दौरान कुछ लोगों ने गड़ासा चलाने के साथ फायरिंग भी करना शुरू कर दिया। खूनी संघर्ष में खेत पर कब्जा रखने वाले पक्ष के लोग भी पीछे नही हट रहे थे।

महिलाओं के चीख पुकार के बीच देखते ही देखते नौ लोगों की मौत हो गई। और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये। गोली और लोगों की चीख पुकार सुन आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। तब तक कई हमलावर मौके से भाग निकले।

सूचना पाते ही मौके पर क्षेत्रीय पुलिस के साथ आला अफसर भी मौके पर पहुंच गये। पुलिस ने एसपी सलमान ताज पाटिल की मौजूदगी में घायलों को तत्काल निकट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल और सोनभद्र जिला अस्पताल में इलाज के लिए भेजवाया। इस मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान पक्ष के पांच लोगों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया।

मूर्तियां गांव के खेत में जहां खूनी संघर्ष हुआ वहां चारों तरफ बिखरे खून और चप्पल देख गांव के लोगो का भी दिल दहल जा रहा था। मौके पर पहुंचे पुलिस विभाग के आला अफसर भी घटना को लेकर ग्रामीणों के साथ घटना में मारे गये लोगों के परिजनों से जानकारी लेने के लिए पूछताछ करते रहे।

गांव में तनाव को देख भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया हैं। उधर क्षेत्र में चर्चा रही कि विवादित जमीन पर गोंड जाति के लोग लम्बे समय से खेती कर रहे थे। इस जमीन को बिहार के आईएएस प्रभात कुमार मिश्रा ने तत्कालीन ग्राम प्रधान के सहयोग से अपने परिजनों के नाम करा लिया था।

लेकिन जमीन पर कब्जा न होने पर उसने जमीन ग्राम प्रधान को बेच दिया। घटना के बाद विवादित जमीन के प्रभात मिश्र के नाम हस्तांतरित होने पर भी लोग सवाल उठा रहे थे। लोगों का आरोप था कि आइएएस अफसर और ग्राम प्रधान ने अपने रसूख से जमीन को पहले आदर्श कोआपरेटिव सोसायटी के नाम कराया था।

 लगभग 200 बीघा जमीन आरोपी ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने 17 अक्टूबर 2010 को अपने रिश्तेदारों के नाम करा लिया था। इसके बावजूद जमीन पर कब्जा ग्रामीणों का ही रहा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद सोनभद्र की घटना में मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी सोनभद्र को निर्देश दिए हैं कि वे रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि ग्रामवासियों को पट्टे क्यों नहीं उपलब्ध कराए गए थे।

मुख्यमंत्री योगी ने इससे पूर्व सोनभद्र की घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक को इस प्रकरण का व्यक्तिगत रूप से अनुश्रवण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए अत्यन्त प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिये हैं।  योगी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी सोनभद्र को घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिये हैं।

घटना के तत्काल बाद ही मुख्यमंत्री ने मिर्जापुर के मण्डलायुक्त तथा वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक को घटना के कारणों की संयुक्त रूप से जांच करने तथा इस प्रकरण के सम्बन्ध में यदि कोई चूक अथवा लापरवाही बरती गयी हो, तो उसका भी उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए 24 घण्टे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।

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